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सोमवार, 27 जुलाई 2015

कलाम

कार्टून के पक्षधर कलाम नहीं रहे
सोमवार, २७ जुलाई को भारत ने एक और रत्न को खो दिया है। भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ.अब्दुल कलाम अब हमारे बीच नहीं रहे। पूर्व राष्ट्रपति व  वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दूल कलाम आईआईएम शिलांग में छात्रों को एक संबोधित करते अचानक हुए गिर गए थे। अंग्रेजी समाचार वेबसाइट दि क्विंट ने इस खबर की पुष्टि की है।  
द क्विंट के मुताबिक, बैथेनी हॉस्पिटल के सीईओ डॉ.जॉन सेलो ने फोन के माध्यम से बताया कि डॉ. कलाम का निधन हो गया है। 
बेथैनी हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डेविड सैलो ने बताया कि शाम ७ बजे डॉ.कलाम को असपताल में इलाज के लिए लाया गया था। उन्होंने बताया कि डॉ.कलाम को बचाने की पूरी कोशिश की गयी। लेकिन उनकी जान नहीं बचायी जा सकी। शाम ७.४५ मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 
डॉ.सेलो से जब मौत के कारणों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मौत के कारणों के बारे में कहना मुश्किल है लेकिन यह एक हार्ट अटैक की घटना हो सकती है।
कार्टून न्यूज़ हिन्दी की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!

त्र्यम्बक शर्मा, कार्टून पर हस्ताक्षर करते कलाम साहब और चन्दर
१. वैज्ञानिक कलाम का बचपन (कार्टून: चन्दर), २. जब कलाम ने कहा कि अखबार में पहले पन्ने पर ही छपें कार्टून (कार्टून: चन्दर), ३. इसी अवसर पर कार्टूनिस्ट चन्दर ने उन्हें कैरीकेचर भैंट किया। ४. कैरीकेचर और कलाम

मरिओ

मारिओ की जेबी दुनिया
विश्व प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट मारिओ मिराण्डा के इकॉनॉमिक टाइम्स के लिए बनाये कार्टूनों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। बंगलुरु स्थित इण्डियन कार्टून गैलरी में २९ अगस्त २०१५ को प्रात: १० से सायं ६ बजे तक आयोजित होने वाली इस ‘पॉकेट (जेबी) कार्टूनों’ की प्रदर्शनी में आप सादर आमन्त्रित हैं।
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वीजी नरेन्द्र, ट्रस्टी प्रबंधक, 
इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ़ कार्टूनिस्ट्स, 
# 1, मिडफ़ोर्ड हाउस, मिडफ़ोर्ड गार्डन, 
एम.जी.रोड, बेंगलूर 560001 बंद 
फोन: 080-41758540, मोबाइल: 9980091428 
वेबसाइट: www.cartoonistsindia.com 
ई-मेल: info@cartoonistsindia.com 
cartoonistsindia@gmail.com 
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बुधवार, 22 जुलाई 2015

टॉम मूरे

कार्टूनिस्ट मूरे नहीं रहे
टैक्सास (अमेरिका)। प्रख्यात कॉमिक्स आर्ची को वर्षों अपनी कलम से सजाने वाले कार्टूनिस्ट टॉम मूरे नहीं रहे। 86 वर्षीय मूरे ने अमेरिका के टेक्सास में अंतिम सांस ली। मूरे के बेटे का कहना है कि पिछले हफ्ते ही पिता को गले के कैंसर का पता चला था और उन्होंने इलाज न करवाने का फैसला लिया था।
उनका कहना था कि वह हमेशा छह माह का काम एडवांस में करके रखते हैं। जैसे क्रिसमस का अंक जून में ही बना लिया करते हैं। बीच स्टोरी तब बनाते हैं, जब खिड़की के बाहर बर्फ जमी होती है।
अमेरिकी नेवी में काम कर चुके मूरे ने कोरियाई युद्घ के दौरान कार्टून को अपनी कलम से कागज पर उतारा था। आर्ची कॉमिक्स 1941 से शुरू हुई थी, लेकिन मूरे ने इसकी बागडोर 1953 में संभाली। मूरे के बनाए आर्ची, एंड्र्‌यूज और उसके दोस्तों के कार्टून वाली कॉमिक्स की 1960 में पांच लाख कॉपी बिकी थी जो उस समय का रिकॉर्ड था। 1996 में एक अखबार से बातचीत में मूरे ने कहा था कि वह एक माह में एक कॉमिक बुक निकालते हैं। 

प्रतियोगिया

कैरीकेचर प्रतियोगिता
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शनिवार, 20 जून 2015

चैप्लिन वर्ष

चार्ली चैपलिन लाइन्स
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विश्व चार्ली चेप्लिन के जन्म की 125 वीं वर्ष पर 
फ़िल्मी जीवन में व्यंग्य की कथा के साथ-साथ 
उनकी स्क्रीन पर उपस्थिति का 100 वां वर्ष 
मनाने के लिए सन 2015 को चार्ली चैपलिन 
वर्ष के रूप में मना रहा है। 
इस हेतु हास्य रेखाओं के रचनाकार उन्हें 
श्रद्धांजलि देने के लिए हास्य गुरु चार्ली 
चैपलिन पर कार्टून और हास्य चित्र के साथ 
इस उपक्रम में शामिल हुए हैं। कुल 500 से 
भी अधिक वरिष्ठ पेशेवर, शौकिया 
और नवोदित कार्टूनिस्टों के साथ 
मुम्बई में चार्ली चेप्लिन के साथ 
पानी में तैर रहे हैं। इनमें से कुछ 
( लगभग 200) कार्टून एक विशेष 
पुस्तक में शामिल किए जाएंगे। 
‘चार्ली चैपलिन लाइन्स’ के रूप में 
सबसे पहले भारत में चार्ली चैपलिन वर्ष 
समारोह के हिस्से के रूप में 25-27 जून 
से NCPA मुंबई में कार्टून/करिकेचर प्रदर्शनी 
आयोजित की जा रही है। कृपया चयनित 
200 कार्टूनिस्टों सूची देखें। कार्टूनिस्ट 
के उत्साह भरे योगदान पर सभी का आभार। 
• कार्टूनिस्ट सुधीर नाथ  
(सचिव, चैपलिन भारत फोरम), 125, बाग़वान अपार्टमेंट्स, 
जी एच / 2, सेक्टर 28, रोहिणी, दिल्ली - 110 042 
फ़ोन 09968996870, 09868264230, 011-27822765 
http://www.facebook.com/cartoonistsudheernath  
http://cartoonistsudheer.blogspot.com/  




होगार्थ

विलियम होगार्थ के कार्टून
इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ़ कार्टूनिस्ट्स की कार्टून गैलरी में विलियम होगार्थ के कार्टूनों की एक प्रदर्शनी  जुलाई २०१५ (समय प्रात: १०.०० से सायं ०६.०० तक) को बंगलौर में आयोजित की जा रही है। 
होगार्थ को आधुनिक राजनीतिक कार्टूनों के प्रवर्तक के रूप में माना जाता है। 
आप सादर आमन्त्रित हैं। 


वीजी नरेन्द्र, ट्रस्टी प्रबंधक, इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ़ कार्टूनिस्ट्स, बंगलुरु, 
1, मिडफ़ोर्ड हाउस, मिडफ़ोर्ड गार्डन, एम.जी.रोड, बंगलूर 560001 
फोन: 080-41758540, मोबाइल: 9980091428 
वेब स्थल: www.cartoonistsindia.com 
ई-मेल: info@cartoonistsindia.com 
cartoonistsindia@gmail.com 
http://www.facebook.com/pages/Indian-Institute-of-cartoonists/24917864340

गुरुवार, 28 मई 2015

कार्टून गैलरी

कार्टून गैलरी की साल गिरह
इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ़ कार्टूनिस्ट्स की कार्टून गैलरी की आठवीं सालगिरह ६ जून, २०१५ को मनाई जा रही है। इसी अवसर पर माया कामथ मेमोरियल पुरस्कार- २०१४ भी दिए जाएंगे। आप सादर आमन्त्रित हैं
वीजी नरेन्द्र, ट्रस्टी प्रबंधक, इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ़ कार्टूनिस्ट्स, बंगलुरु, 
1, मिडफ़ोर्ड हाउस, मिडफ़ोर्ड गार्डन, एम.जी.रोड, बंगलूर 560001 
फोन: 080-41758540, मोबाइल: 9980091428 
वेब स्थल: www.cartoonistsindia.com 
ई-मेल: info@cartoonistsindia.com 
cartoonistsindia@gmail.com 
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बुधवार, 13 मई 2015

सम्मान

बीजी वर्मा का सम्मान
कार्टूनिस्ट बीजी वर्मा को  केरल कार्टून अकादमी और एर्णाकुलम प्रेस क्लब सम्मानित किया जा रहा है। वे कार्टूनिस्ट शंकर के प्रिय शिष्यों में से एक रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से शंकर की साप्ताहिक पत्रिका और सीबीटी पुस्तकों के माध्यम से कार्टूनिंंग के क्षेत्र में बहुत योगदान दिया। इसलिए उन्हें सम्मानित करना गौरव की बात है।
स्थान: एर्णाकुलम प्रेस क्लब 
दिनांक: 24/05/2015
समय: 3:30 आप सभी का स्वागत है।
सुधीर नाथ एनबी
सचिव, केरल कार्टून अकादमी
मो.: 09968996870 (दिल्ली) 
09495161130 (केरल) ता: केरल कार्टून अकादमी, सी /फ़ोटोगिफ़्ट, 28/440 बी ओ, अनघा, क्लब रोड, गिरि नगर, कोच्चि-682,020, केरल / भारत

गुरुवार, 7 मई 2015

विदेशी कार्टून

विदेशी कार्टून प्रदर्शनी
इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ़ कार्टूनिस्ट्स, बंगलुरु की कार्टून गैलरी में 16 मई 2015 को विदेशी कार्टून प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। आप सादर आमन्त्रित हैं।
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वीजी नरेन्द्र, ट्रस्टी प्रबंधक, इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ़ कार्टूनिस्ट्स, बंगलुरु, 
1, मिडफ़ोर्ड हाउस, मिडफ़ोर्ड गार्डन, एम.जी.रोड, बंगलूर 560001 
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गुरुवार, 30 अप्रैल 2015

गोपलू

कार्टूनिस्ट गोपलू नहीं रहे 
जानेमाने कार्टूनिस्ट एस. गोपालन (गोपलू) का निधन हो गया। लगभग ६ दशकों तक उन्होंने अपने पाठकों को अपने बनाये कार्टून और चित्रों से मन्त्रमुग्ध किये रखा।
सन १९२४ में जन्मे एस.गोपालन (Gopulu) की २९ अप्रैल २०१५ की मृत्यु हो गयी। एक तमिल कार्टूनिस्ट-चित्रकार के रूप में उन्हें तमिल हास्य पत्रिका आनंद विकटन के लिए किये गये अपने काम के लिए जाना जाता है। 
१९२४ में तंजौर में जन्मे गोपालन ने गोपलू शहर में अपने प्रारंभिक वर्ष बिताये। उन्होंने कला के कुंभकोणम स्कूल में अध्ययन किया। १९४१ में, वह आनंद विकटन पत्रिका में एक नौकरी की तलाश में चेन्नई आये। वहां उनकी मुलाकात सुप्रसिद्ध कार्टूनिस्ट 'माली' से हुई। वहाँ उन्हें पत्रिका के दीपावली विशेषांक के लिए चित्र बनाने को कहा गया। उनका काम देखकर माली ने पत्रिका में गोपलू को एक नौकरी का प्रस्ताव रखा। बात शायद दिसंबर १९४४ की है। लगभग बीस वर्षों के दौरान 1968 तक गोपलू ने पत्रिका के लिए राजनीतिक कार्टून, कवर डिजाइन, चित्र आदि विविध कार्य किये। गोपलू ने तिल्लाना मोहनम्बल (Thillana Mohanambal और वाशिंगटन तिरुमनम (Washingtonil Thirumanam) के रूप में लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों के लिए काम किया। उन्हें लेखक देवेन के साथ कॉमिक्स थप्परियम सम्बु (Thuppariyum Sambu) के लिए भी जाना जाता है। लेखक सावी (Saavi) के साथ उनकी १९५३-५४ में की गयी अजंता, एलोरा, दिल्ली, जयपुर, कलकत्ता आदि की यात्राएं भी अविस्मर्णीय हैं। १९७२ में गोपलू ने अपनी ही विज्ञापन एजेंसी ’एड वेव’ शुरू की। उन्होंने कहा कि तमिल पत्रिका कुंगमम (Kungumam) और सन टीवी का लोगो तैयार किया। बाद में वह विज्ञापन एजेंसी छोड़ दी और कल्कि,  अमुधासुरभि (Amudhasurabhi), विकटन और कुंगुमम (Kungumam) के रूप में पत्रिकाओं के लिए एक स्वतंत्र चित्रकार के रूप में काम करने लगे।
Gopulu मुरासोली पुरस्कार और एमए चिदंबरम चेट्टियार पुरस्कार प्राप्त हुए। २६ नवंबर, १९९१ को तमिलनाडु सरकार द्वारा कलाईममणि (Kalaimamani) का पुरस्कार दिया गया था। सन २००१ में में उन्होंने इण्डियन इण्स्टीट्यूट ऑफ़ कार्टूनिस्ट्स (बंगलुरू) में (Indian Institute of Cartoonists, Bangluru) के उद्घाटन समारोह के हिस्से के रूप में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्टून न्यूज़ हिन्दी की ओर से नमन! भगवान उसकी आत्मा को शांति दे ... 






http://www.thehindu.com/fr/2005/05/20/stories/2005052000110300.htm

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