शनिवार, 26 अप्रैल 2014
मोदी की कहानी
लेबल:
art,
cartoon news,
comic,
hindee cartoon news,
modi,
modi kee kahaanee
शुक्रवार, 25 अप्रैल 2014
विदेशी कार्टून
बंगलोर में विदेशी कार्टूनों की प्रदर्शनी
बंगलोर स्थित कार्टून गैलरी में ३ मई, २०१४ को विदेशी कार्टूनों की प्रदर्शनी का आर एच कुलकर्णी (प्राचार्य, कॉलेज ऑफ़ फ़ाइन आर्ट्स्, कर्नाटक चित्रकला परिषद) के करकमलों सेआरम्भ होगा। श्री अमरनाथ कामथ विशिष्ट अतिथि होंगे।
यह कार्टून प्रदर्शनी १७ मई, २०१४ तक चलेगी।

सम्पर्क: वीजी नरेन्द्र, प्रबन्ध न्यासी,
बंगलोर स्थित कार्टून गैलरी में ३ मई, २०१४ को विदेशी कार्टूनों की प्रदर्शनी का आर एच कुलकर्णी (प्राचार्य, कॉलेज ऑफ़ फ़ाइन आर्ट्स्, कर्नाटक चित्रकला परिषद) के करकमलों सेआरम्भ होगा। श्री अमरनाथ कामथ विशिष्ट अतिथि होंगे।
यह कार्टून प्रदर्शनी १७ मई, २०१४ तक चलेगी।

सम्पर्क: वीजी नरेन्द्र, प्रबन्ध न्यासी,
इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ कार्टूनिस्ट्स, 1, मिडफ़ोर्ड हाउस के, मिडफ़ोर्ड गार्डन्स, एम.जी. रोड के बाहर, बंगलोर -560001
फ़ोन: ०८०+४१७५८५४०,: ९९८००९१४२८E-mail: info@cartoonistsindia.com cartoonistsindia@gmail.com
गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014
सम्मेलन
लेबल:
bharat,
cartoon,
cartoon art,
cartoon news,
cartoonist
सोमवार, 3 फ़रवरी 2014
कार्टूनिस्ट असीम
कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी जायसवाल के सामने
• प्रवीन मोहता, कानपुर
आम आदमी पार्टी केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को चुनौती देने के लिए कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी को कानपुर लोकसभा सीट से टिकट दे सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस पर जोर-शोर से विचार मंथन चल रहा है। वहीं इस मामले में असीम त्रिवेदी का कहना है कि उनकी पार्टी से बातचीत चल रही है। अगर पार्टी मुझे कानपुर से लड़ने को कहेगी तो मैं इसके लिए तैयार हूं। वैसे भी मेरा कानपुर से पुराना जुड़ाव रहा है।
कानपुर नगर लोकसभा सीट से पिछले 3 बार से केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल झंडा गाड़ते रहे हैं, लेकिन इस बार इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है। एसपी जहां कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को पहले ही उम्मीदवार घोषित कर चुकी है, वहीं बीएसपी से सलीम अहमद के प्रत्याशी होने की पूरी संभावनाएं हैं। बीजेपी से कोई नाम तय नहीं है, लेकिन सीनियर नेता कलराज मिश्र का नाम जोर-शोर से चल रहा है। इन तमाम समीकरणों को आम आदमी पार्टी बिगाड़ सकती है। अरविंद केजरीवाल ऐलान कर चुके हैं कि कांग्रेस और बीजेपी के कई बड़े नेता उनके निशाने पर हैं। इनमें श्रीप्रकाश जायसवाल भी हैं। माना जा रहा है कि इसी रणनीति के तहत पार्टी फेमस कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी को कानपुर से चुनाव मैदान में उतार सकती है। हालांकि इस बारे में कोई फैसला नहीं हुआ है। पार्टी के शहर संयोजक योगेश श्रीवास्तव के अनुसार 10 फरवरी के बाद उनके उम्मीदवारों की लिस्ट आने लगेगी। जानकारों का यह भी कहना है कि अब तक कौशांबी (गाजियाबाद) ऑफिस में कानपुर के लिए 50 से ज्यादा आवेदक टिकट की एप्लिकेशन भेज चुके हैं। शुक्लागंज इलाके के रहने वाले असीम ने बताया कि कानपुर से चुनाव लड़ने के लिए वह पार्टी से बातचीत कर रहे हैं। अगर पार्टी ने आदेश दिया तो वह जरूर लड़ेंगे।पार्टी की कानपुर यूनिट के मीडिया इंचार्ज अमित अवस्थी के अनुसार, पार्टी 31 जनवरी तक 1 लाख 10 हजार लोगों को मेंबर बना चुकी है। शहर में पार्टी से जुड़ने के लिए जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अब तक हुई मेंबरशिप में करीब 30 फीसदी मुस्लिम हैं। यह फैक्टर कई पार्टियों का हिसाब-किताब बिगाड़ सकता है।
सौजन्य • नवभारत टाइम्स Feb 1, 2014
• प्रवीन मोहता, कानपुर
आम आदमी पार्टी केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को चुनौती देने के लिए कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी को कानपुर लोकसभा सीट से टिकट दे सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस पर जोर-शोर से विचार मंथन चल रहा है। वहीं इस मामले में असीम त्रिवेदी का कहना है कि उनकी पार्टी से बातचीत चल रही है। अगर पार्टी मुझे कानपुर से लड़ने को कहेगी तो मैं इसके लिए तैयार हूं। वैसे भी मेरा कानपुर से पुराना जुड़ाव रहा है।
सौजन्य • नवभारत टाइम्स Feb 1, 2014
लेबल:
2014,
aseem,
cartoon news hindi,
cartoonist,
cartoonist aseem,
election
मंगलवार, 28 जनवरी 2014
बहादुर
आबिद सुरती के “बहादुर” पर एक मीडिया हाउस का कब्ज़ा
बातचीत के दौरान शाहरुख खान के दिल से छलक आई वो ख्वाहिश जो वो हिंदी सिनेमा के बादशाह होकर भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल, शाहरुख बड़े परदे पर 'बहादुर' बनना चाहते हैं। जिनकी उम्र पैंतालिस पचास के आसपास होगी, उनको अपने बचपन के इंद्रजाल कॉमिक्स ज़रूर याद होंगे। एक रुपये की एक किताब मिलती थी और वो एक रुपया भी जुगाड़ना जतन का काम होता था। किराए पर तब 10 पैसे में मिला करते थे कॉमिक्सबहादुर। इंद्रजाल कॉमिक्स याद होंगेw तो फिर उनका एक किरदार ‘बहादुर’ भी याद होगा। ‘बहादुर’ यानी इसी नाम से बनी कॉमिक सीरीज का हीरो। बाप जिसका डाकू था, लेकिन उसने कानून के पाले में आने का फैसला किया। केसरिया कुर्ता, डेनिम की जींस। कॉमिक्स की दुनिया का पहला हिंदुस्तानी हीरो। दुनिया भर में वो आबिद सुरती के बहादुर के नाम से मशहूर हुआ। शाहरुख खान इस किरदार का चोला पहनकर बड़े परदे पर आना चाहते हैं। बोले, “बचपन में इसके बारे में खूब पढ़ा। पूरा कलेक्शन जमा करके रखा। अब मन किया कि इस पर फिल्म बनाई जाए तो इसके कॉपराइट नहीं मिल रहे।” शाहरुख खान जैसी हस्ती किसी किरदार पर फिल्म बनाना चाहे और उसके सामने ऐसी अड़चनें आ जाए कि वो भी न पार सकें तो मन में उत्सुकता तो जागती ही है। यहां से शाहरुख ने शुरू की कहानी मुंबई के वॉटरमैन की। ये वॉटरमैन और कोई नहीं, हमारे आपके अजीज़ आबिद सुरती साब ही हैं। जी हां, वही जिनके कॉमिक किरदार ढब्बू जी ने कभी धर्मवीर भारती तक पर उर्दू को बढ़ावा देने का इल्जाम लगा दिया था, और वो इसलिए कि ढब्बूजी धर्मयुग के पीछे के पन्ने पर छपते थे और लोग धर्मयुग खरीदने के बाद उसे पीछे से ही पढ़ना शुरू करते थे। आबिद सुरती के किरदार दुनिया भर में मशहूर हैं। उनकी लिखी कहानियां परदेस में हिंदी सीखने के इच्छुक लोगों को क्लासरूम में पढ़ाई जाती हैं। नाटककार भी वो रहे। फिल्मों में स्पॉट बॉय से लेकर लेखन तक में हाथ आजमाया। पेंटर ऐसे कि अगर एक ही लीक पकड़े रहते तो आज एम एफ हुसैन से आगे के नहीं तो कम से कम बराबर के कलाकार होते। आबिद सुरती मुंबई से थोड़ा दूर बसे इलाके मीरा रोड में अकेले रहते हैं। दोनों बेटे सैटल हो चुके हैं। एक का तो शाहरुख ने नाम भी लिया, किसी कंपनी में नौकरी लगवाने के सिलसिले में। आबिद की पत्नी अपने बच्चों के साथ हैं, और वो मीरा रोड में ही ड्रॉप डेड एनजीओ के नाम पर नलों से पानी टपकने के खिलाफ मुहिम चलाते हैं। पढ़ने में अजीब सा लग सकता है लेकिन कोई छह साल पहले अपने एक दोस्त के घर में लेटे आबिद सुरती को घर के बूंद बूंद टपकते नल ने सोने नहीं दिया। Brave-act1और, बस वहीं से ये ख्याल जनमा। हर इतवार आबिद अपना झोला लेकर घर से निकलने लगे। झोले में होती कुछ रिंचे, प्लास और वाशर। वो सोसाइटी के घर घर जाकर टपकते नल ठीक करने लगे। और, यहीं से शुरू हुई ड्रॉप डेड फाउंडेशन की। शाहरुख खान ने आबिद सुरती की इस मुहिम के बारे में किसी अखबार में पढ़ा और उन्हें एक लंबा एसएमएस भेज दिया। शाहरुख ने ये भी लिखा कि कैसे वो बचपन से 'बहादुर' के फैन रहे हैं। फैन मैं भी बचपन से 'ढब्बू जी' का रहा हूं। शाहरुख ने बस इस किरदार को बनाने वाले आबिद सुरती से मुलाकात की मेरी इच्छा को फिर से जगा दिया। आबिद सुरती की फ्रेंड लिस्ट में मैं शामिल रहा हूं और उनकी सालगिरह पर मुबारक़बाद भी भेजता रहा हूं। इस बार बात आगे बढ़ी। मैंने संदेश भेजा। उनका जवाब आया। पिछले इतवार हम मिले फन रिपब्लिक के पास एक रेस्तरां में। बातों बातों में ज़िक्र फिर से 'बहादुर' का निकला। 'बहादुर' के परिवेश के बारे में बताते वक्त 78 साल के आबिद सुरती के चेहरे की चमक देखने लायक थी। फिर जैसे ज़ोर का झोंका आए और लौ फड़फड़ाने लगे, वैसी ही बेचैनी के साथ बताने लगे, “शाहरुख से पहले कबीर सदानंद ने भी बहादुर पर फिल्म बनाने की प्लानिंग की थी। हमने इस किरदार को ट्रेडमार्क रजिस्टर्ड कराना चाहा। पर पता चला कि एक बहुत बड़े मीडिया हाउस ने 'बहादुर बाई आबिद सुरती' नाम का ट्रेडमार्क अपने नाम रजिस्टर्ड करा लिया है।” सुनकर बड़ा दुख हुआ। दूसरों के अधिकारों की दिन रात बात करने वाले मीडिया हाउस क्या ऐसे भी किसी कलाकार का हक मार देते हैं। कॉपीराइट कानून कहता है कि किसी कृति के बनाते ही उसका कॉपीराइट सृजक के नाम हो जाता है। उसका कहीं रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं। माने कि अगर कोई ढंग का वकील आबिद सुरती का मामला अपने हाथ में ले तो उनके बौद्धिक संपदा अधिकार उन्हें मिल सकते हैं। मुझे खुद एक हफ्ता लग गया इस बात को दुनिया के सामने लाने में। चाहता हूं उनकी लड़ाई लड़ूं। जितना बन सकेगा कोशिश करूंगा। क्या आप साथ देंगे? • साभार, लिन्क: http://mediadarbar.com/25705/trademark-registered-abid-surti-character-bahadur-by-a-media-house-without-any-authraizetion/

लेबल:
abid surti,
bahadur,
bharat,
cartoon,
cartoon news,
cartoonist,
dhabbujee
सोमवार, 13 जनवरी 2014
क्लामेटून
लेबल:
bharat,
cartoon news,
climate,
climatoon,
global warming,
india,
nature,
toon
रविवार, 29 दिसंबर 2013
पुरस्कार
फ़्रीलांस कार्टूनिस्ट का पुरस्कार चन्दर को
पिछले दिनों महामना मदन मोहन मालवीय जयन्ती के अवसर पर २४ दिसम्बर २०१३ को मेवाड़ इंस्टीट्यूट, वसुन्धरा (गाज़ियाबाद) में वरिष्ठ पत्रकार श्री बनवारी ने कार्टूनिस्ट चन्दर को वर्ष २०१३ का अच्छे स्वतन्त्र व्यंग्यचित्रकार (फ़्रीलांस कार्टूनिस्ट) का पुरस्कार प्रदान किया। कार्टूनिस्ट को प्रशस्ति पत्र, मेवाड़ इंस्टीट्यूट के प्रतीक चिन्ह व शॉल के साथ-साथ एक लिफ़ाफ़ा भी दिया गया।
इस अवसर पर संयोग की बात- मंच पर उपस्थित सर्वश्री बनवारी, राम बहादुर राय, अरविन्द मोहन और जगदीश उपासने सभी उस समय के धांसू अखबार ‘जनसत्ता’ में कार्यरत थे जब मैंने एक साल जनसत्ता में नियमित कार्टूनिस्ट के रूप में कार्य किया। और काक साहब जनसत्ता के पहले कार्टूनिस्ट थे ही, सभी जानते हैं। दूसरा नम्बर अपना था।
• वरुण
पिछले दिनों महामना मदन मोहन मालवीय जयन्ती के अवसर पर २४ दिसम्बर २०१३ को मेवाड़ इंस्टीट्यूट, वसुन्धरा (गाज़ियाबाद) में वरिष्ठ पत्रकार श्री बनवारी ने कार्टूनिस्ट चन्दर को वर्ष २०१३ का अच्छे स्वतन्त्र व्यंग्यचित्रकार (फ़्रीलांस कार्टूनिस्ट) का पुरस्कार प्रदान किया। कार्टूनिस्ट को प्रशस्ति पत्र, मेवाड़ इंस्टीट्यूट के प्रतीक चिन्ह व शॉल के साथ-साथ एक लिफ़ाफ़ा भी दिया गया।
इस अवसर पर संयोग की बात- मंच पर उपस्थित सर्वश्री बनवारी, राम बहादुर राय, अरविन्द मोहन और जगदीश उपासने सभी उस समय के धांसू अखबार ‘जनसत्ता’ में कार्यरत थे जब मैंने एक साल जनसत्ता में नियमित कार्टूनिस्ट के रूप में कार्य किया। और काक साहब जनसत्ता के पहले कार्टूनिस्ट थे ही, सभी जानते हैं। दूसरा नम्बर अपना था।
• वरुण
शुक्रवार, 27 दिसंबर 2013
मुस्कान
जय मुस्कान!
मेरे कार्टूनिस्ट और कर्टूनप्रेमी मित्रो,
मेरा विचार है कि अच्छे कार्टूनों का हिन्दी में एक टेब्लॉइड पीडीएफ़ अखबार निकाला जाए। इस अखबार में कार्टून की अधिकता हो और टाइप की हुई सामग्री न्यूनतम हो यानी आम अखबारों के उलट। यों अभी अखबारों ने कार्टून कला की ओर से मुंह फ़ेर लिया है। कार्टून फ़ोकट की चीज़ बनकर रह गये हैं जो कार्टूनिस्टों के द्वारा इण्टरनेट पर सहज उपलब्ध करा दिये जाते हैं।
इस कार्टून प्रधान अखबार को अभी या बाद में अखबारी कागज़ पर छापा जाए- साधन होने पर। अभी इस अखबार को पीडीएफ़ के रूप में देस-विदेश में ई-मेल द्वारा सदस्यों को भेजा जाए। ज़ाहिर है इसके लिए अच्छे कार्टूनों की आवश्यकता होगी ही। रोना वही कि फ़िलहाल मेहनताना नहीं दिया जा सकता। इसके लिए सक्षम होने का प्रयास किया जाएगा, शुरूआत तो हो! सामग्री में विविधता होगी. यह पक्का है। आप लोगों की सहमति हो तो एक अंक बनाया जाए। पर इसके लिए कुछ कार्टूनिस्ट मित्रों के ५ (छपे/बिन छपे) कार्टून/कार्टून स्ट्रिप/कैरीकेचर/फ़ीचर, सचित्र (फ़ोटो सहित) आत्म परिचय वगैरह चाहिए ही चाहिए।
कार्यक्रम तय होने पर व्यवस्था हेतु दक्षिणा १०१ (101) या ९९ (99) रुपये रुचि रखने वाले कार्टून प्रेमी यह मामूली सहयोग देंगे तो गाड़ी चल पड़ेगी। इस कार्य में प्रायोजक या विज्ञापन दाता का सहयोग सन्देहात्मक है। वैसे यदि आपके सम्पर्क में कार्टून प्रेमी प्रायोजक या विज्ञापन दाता हैं तो उनको इस पावन कार्य में पुण्य कमाने का न्यौता हैं।
उल्लेखनीय है कि मेरा यह प्रयास हम सभी या अधिकतम कार्टूनिस्टों का एक अच्छा मंच बनाने की दिशा में एक कदम है व्यवसाय या धन्धा नहीं।
कुछ और जानना-पूछना चाहें तो बिना संकोच सम्पर्क करें- फ़ेसबुक के माध्यम से या cartoonistchander@gmail.com
(यहां मेरे हिन्दी पाक्षिक ‘मीडिया नेटवर्क’ के एक पुराने अंक के २ पृष्ठ दिये गये हैं, देखें)
लिन्क- http://www.medianetworkweb.blogspot.in/
मेरे कार्टूनिस्ट और कर्टूनप्रेमी मित्रो,
मेरा विचार है कि अच्छे कार्टूनों का हिन्दी में एक टेब्लॉइड पीडीएफ़ अखबार निकाला जाए। इस अखबार में कार्टून की अधिकता हो और टाइप की हुई सामग्री न्यूनतम हो यानी आम अखबारों के उलट। यों अभी अखबारों ने कार्टून कला की ओर से मुंह फ़ेर लिया है। कार्टून फ़ोकट की चीज़ बनकर रह गये हैं जो कार्टूनिस्टों के द्वारा इण्टरनेट पर सहज उपलब्ध करा दिये जाते हैं।
इस कार्टून प्रधान अखबार को अभी या बाद में अखबारी कागज़ पर छापा जाए- साधन होने पर। अभी इस अखबार को पीडीएफ़ के रूप में देस-विदेश में ई-मेल द्वारा सदस्यों को भेजा जाए। ज़ाहिर है इसके लिए अच्छे कार्टूनों की आवश्यकता होगी ही। रोना वही कि फ़िलहाल मेहनताना नहीं दिया जा सकता। इसके लिए सक्षम होने का प्रयास किया जाएगा, शुरूआत तो हो! सामग्री में विविधता होगी. यह पक्का है। आप लोगों की सहमति हो तो एक अंक बनाया जाए। पर इसके लिए कुछ कार्टूनिस्ट मित्रों के ५ (छपे/बिन छपे) कार्टून/कार्टून स्ट्रिप/कैरीकेचर/फ़ीचर, सचित्र (फ़ोटो सहित) आत्म परिचय वगैरह चाहिए ही चाहिए।
कार्यक्रम तय होने पर व्यवस्था हेतु दक्षिणा १०१ (101) या ९९ (99) रुपये रुचि रखने वाले कार्टून प्रेमी यह मामूली सहयोग देंगे तो गाड़ी चल पड़ेगी। इस कार्य में प्रायोजक या विज्ञापन दाता का सहयोग सन्देहात्मक है। वैसे यदि आपके सम्पर्क में कार्टून प्रेमी प्रायोजक या विज्ञापन दाता हैं तो उनको इस पावन कार्य में पुण्य कमाने का न्यौता हैं।
उल्लेखनीय है कि मेरा यह प्रयास हम सभी या अधिकतम कार्टूनिस्टों का एक अच्छा मंच बनाने की दिशा में एक कदम है व्यवसाय या धन्धा नहीं।
कुछ और जानना-पूछना चाहें तो बिना संकोच सम्पर्क करें- फ़ेसबुक के माध्यम से या cartoonistchander@gmail.com
(यहां मेरे हिन्दी पाक्षिक ‘मीडिया नेटवर्क’ के एक पुराने अंक के २ पृष्ठ दिये गये हैं, देखें)
लिन्क- http://www.medianetworkweb.blogspot.in/

रविवार, 1 दिसंबर 2013
केशव के चित्र
कार्टूनिस्ट केशव के म्यूज़िक स्कैचेज़
इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ़ कार्टूनिस्ट्स की कार्टून गैलरी में इस प्रदर्शनी ’म्यूज़िक स्कैचेज़’ का शुभारम्भ ७ दिसम्बर, २०१३ को सायं ४ बजे डॉ. एमआरवी प्रसाद (अध्यक्ष, बंगलोर ज्ञान समाज) के द्वारा होगा। यह कार्टून प्रदर्शनी २१ दिसम्बर, २०१३ तक कला प्रेमियों के लिए खुली रहेगी।
सम्पर्क: वीजी नरेन्द्र, प्रबन्ध न्यासी,
इण्डियन कार्टून गैलरी,
इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ कार्टूनिस्ट्स, 1, मिडफ़ोर्ड हाउस के, मिडफ़ोर्ड गार्डन्स, एम.जी. रोड के बाहर, बंगलौर -560001
फ़ोन: ०८०+४१७५८५४०,: ९९८००९१४२८
WebSite: www.cartoonistsindia.com
E-mail: info@cartoonistsindia.com cartoonistsindia@gmail.com
सदस्यता लें
संदेश (Atom)











.jpg)

.jpg)
